पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के पिता आनन्द सिंह बिष्ट का अचानक देर रात तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। उन्होंने 89 वर्ष उम्र में ही अपना दम तोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार कई दिनों से सीएम योगी के पिता आनन्द सिंह बिष्ट करीब एक माह से एम्‍स में भर्ती थे।

उन्‍हें लिवर से संबंधित परेशानी थी। इस वजह से गैस्‍ट्रोलॉजी विभाग के डॉक्‍टर के नेतृत्‍व में उनका इलाज चल रहा था लेकिन इलाज के दौरान अचानक उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ पर उन्हें वेंटिलेटर पर रख दिया गया था और इलाज के दौरान ही उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

सीएम योगी के पिता के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव उत्तराखंड ले जाया जा रहा है वहीं पर उनका अन्तिम संस्कार किया जाएगा लेकिन यूपी सीएम योगी अपने पिता के अन्तिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे।

बता दें कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के पिता आनन्द सिंह बिष्ट के निधन की खबर जैसे ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगी। वैसे ही पूरे भाजपा खेमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ही पूरे परिवार और गोरक्षधाम में शोक की लहर बनी हुई है। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले सीएम योगी के पिता देहावसान पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।

वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत गंभीर होने की वजह से उन्‍हें आइसीयू में भर्ती किया गया थी और डायलिसिस भी चल रहा थी। उन्‍हें 15 मार्च को एम्‍स में भर्ती किया गया था। तब से वह एम्‍स में ही भर्ती हैं जहां उनका इलाज जारी था। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट की तबीयत पहले से खराब चल रही थी। कुछ समय पहले भी उन्‍हें देहरादून के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। उस वक्‍त उन्‍हें डिहाइड्रेशन की शिकायत थी। उन्‍हें पहले से बीपीसी समेत एक गैंग्रीन जैसी गंभीर बीमारी थी।

इस बात की पुष्टी गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने की है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी के पिता को मुख्य रूप से पेट की तकलीफ के चलते भर्ती किया गया था। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, लो-बीपी और पैरों में गैंगरीन की समस्या थी। सोमवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ के पिता उत्तराखंड में यमकेश्वर के पंचूर गांव में रहते थे। वे फॉरेस्ट रेंजर के पद से 1991 में रिटायर हुए थे। उसके बाद से वे अपने गांव में रह रहे थे। योगी आदित्यनाथ बचपन में ही अपना परिवार छोड़कर गोरखपुर महंत अवैद्यनाथ के पास चले गए थे। सीएम योगी चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके दो भाई कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई सेना की गढ़वाल रेजिमेंट में सूबेदार हैं।